. . लाश बनना तो क़दरे आसां है! लाश पर से गुज़र भी सकते हो ? . . .
. . लाश बनना तो क़दरे आसां है! लाश पर से गुज़र भी सकते हो ? . . .
. . सभी गुनाहों के अंजाम तक से हैं वाक़िफ़ जभी फ़कीह-ए-शहर को इमाम करते हैं . . .
. . सभी गुनाहों के अंजाम तक से हैं वाक़िफ़ जभी फ़कीह-ए-शहर को इमाम करते हैं . . .
. . उधोरा छोड़ने से याद दोस्तों को रहे ग़ज़ल ये क़ैस यहीं पर तमाम करते हैं . . .
. . उधोरा छोड़ने से याद दोस्तों को रहे ग़ज़ल ये क़ैस यहीं पर तमाम करते हैं . . .
. . किसी हुसैन का लब खोलना ज़रूरी नहीं गुलाब ख़ुशबू के रस्ते कलाम करते हैं . . .
. . किसी हुसैन का लब खोलना ज़रूरी नहीं गुलाब ख़ुशबू के रस्ते कलाम करते हैं . . .
. . उलझ रहे हैं यही कह के हम से अहल-ए-वतन कि ये वतन में मुहब्बत को आम करते हैं . . .
. . उलझ रहे हैं यही कह के हम से अहल-ए-वतन कि ये वतन में मुहब्बत को आम करते हैं . . .
. . जो शेअर मेरे क़लम तक रसाई पा ना सकीं वुह तितलीयों के परों पर क़ियाम करते हैं . . .
. . जो शेअर मेरे क़लम तक रसाई पा ना सकीं वुह तितलीयों के परों पर क़ियाम करते हैं . . .
. . स्वांग अच्छा रचाया है हुस्न वालों ने कनीज़ बनने का कह कर ग़ुलाम करते हैं . . .
. . स्वांग अच्छा रचाया है हुस्न वालों ने कनीज़ बनने का कह कर ग़ुलाम करते हैं . . .
