. . स्वांग अच्छा रचाया है हुस्न वालों ने कनीज़ बनने का कह कर ग़ुलाम करते हैं . . .
. . स्वांग अच्छा रचाया है हुस्न वालों ने कनीज़ बनने का कह कर ग़ुलाम करते हैं . . .
. . गुलाब, तितली की आमद पे ख़म हुए जैसे ग़ुलाम, =मल्लिका को झुक कर सलाम करते हैं . . .
. . गुलाब, तितली की आमद पे ख़म हुए जैसे ग़ुलाम, =मल्लिका को झुक कर सलाम करते हैं . . .
. . हम हैं शम्मा की लड़ लो और वुह मुँह फुलाए बैठे हैं . . .
. . हम हैं शम्मा की लड़ लो और वुह मुँह फुलाए बैठे हैं . . .
. . इस लिए पांव में दबाता हूँ वुह मिरा दिल दबाये बैठे हैं . . .
. . इस लिए पांव में दबाता हूँ वुह मिरा दिल दबाये बैठे हैं . . .
. . एक बुत का सवाल है मौला! मन का मंदिर सजाये बैठे हैं . . .
. . एक बुत का सवाल है मौला! मन का मंदिर सजाये बैठे हैं . . .
. . इस लिए मुतमइन हैं कोह-ए-गिरां हम अमानत उठाए बैठे हैं . . .
. . इस लिए मुतमइन हैं कोह-ए-गिरां हम अमानत उठाए बैठे हैं . . .
. . दूसरा मौक़ा क़ैस कैसे मिले ? एक दिल था गंवाए बैठे हैं . . .
. . दूसरा मौक़ा क़ैस कैसे मिले ? एक दिल था गंवाए बैठे हैं . . .
