. . दोष पर गुल के गुल ही लगती है ख़ूबसूरत गुमान है तितली . . .
. . दोष पर गुल के गुल ही लगती है ख़ूबसूरत गुमान है तितली . . .
. . क़ुदरती गुलशन में कोई रहता है और घर का निशान है तितली . . .
. . क़ुदरती गुलशन में कोई रहता है और घर का निशान है तितली . . .
. . हुस्न पर सिर्फ़ आँख रखनी है सब्र का इम्तिहान है तितली . . .
. . हुस्न पर सिर्फ़ आँख रखनी है सब्र का इम्तिहान है तितली . . .
. . किया कभी तुम ने ऐसा सोचा था ? अपने चेहरे से डर भी सकते हो . . .
. . किया कभी तुम ने ऐसा सोचा था ? अपने चेहरे से डर भी सकते हो . . .
. . ग़म की आंधी से जंग छेड़ी है ज़र्द पतो! बिखर भी सकते हो . . .
. . ग़म की आंधी से जंग छेड़ी है ज़र्द पतो! बिखर भी सकते हो . . .
. . छेड़ छाड़ इतनी भी ज़रूरी नहीं हुस्न वालो सुधर भी सकते हो . . .
. . छेड़ छाड़ इतनी भी ज़रूरी नहीं हुस्न वालो सुधर भी सकते हो . . .
. . जब तिलक साक़ी गिर नहीं जाता जाम पे जाम भर भी सकते हो . . .
. . जब तिलक साक़ी गिर नहीं जाता जाम पे जाम भर भी सकते हो . . .
