. . गुल को बचाने के लिए गुल जैसी बिन गईं इंसान को सिखाती हैं ेसार तितलियां . . .
. . गुल को बचाने के लिए गुल जैसी बिन गईं इंसान को सिखाती हैं ेसार तितलियां . . .
. . अलफ़ाज़ के बगै़र की फ़ित्रत ने शायरी ख़ुशबू के इज़तिराब का इज़हार तितलियां . . .
. . अलफ़ाज़ के बगै़र की फ़ित्रत ने शायरी ख़ुशबू के इज़तिराब का इज़हार तितलियां . . .
. . तक़सीम ِ बाग़ उड़ते परों को नहीं क़बूल दरवाज़े लड़कीयां हैं ना दीवार तितलियां . . .
. . तक़सीम ِ बाग़ उड़ते परों को नहीं क़बूल दरवाज़े लड़कीयां हैं ना दीवार तितलियां . . .
. . पूछा सनम ने तितलियां अच्छी कि शब चिराग़ ? में ने कहा अदब से कि सरकार तितलियां . . .
. . पूछा सनम ने तितलियां अच्छी कि शब चिराग़ ? में ने कहा अदब से कि सरकार तितलियां . . .
. . जुगनू भी हैं चहेते मगर वक़्त-ए-इंतिख़ाब दिल मेरा जीत लेती हैं हर बार तितलियां . . .
. . जुगनू भी हैं चहेते मगर वक़्त-ए-इंतिख़ाब दिल मेरा जीत लेती हैं हर बार तितलियां . . .
. . परों पे तितली के शहबाज़ वाह वाह करे सफ़ैद मोरनी का इफ़्तिख़ार है तितली . . .
. . परों पे तितली के शहबाज़ वाह वाह करे सफ़ैद मोरनी का इफ़्तिख़ार है तितली . . .
. . जो इस को देख लें दिल बाग़ को मचलता है चमन का उड़ता हूवा इश्तिहार है तितली . . .
. . जो इस को देख लें दिल बाग़ को मचलता है चमन का उड़ता हूवा इश्तिहार है तितली . . .
