. . दुनिया में तेरे ज़ौक़ पे हैरान हो गया फूलों के कारोबार में नुक़्सान हो गया! . . .
. . दुनिया में तेरे ज़ौक़ पे हैरान हो गया फूलों के कारोबार में नुक़्सान हो गया! . . .
. . मुरझा गए गुलाब, दुकां में पड़े पड़े काग़ज़ परस्त, शहर का इंसान हो गया . . .
. . मुरझा गए गुलाब, दुकां में पड़े पड़े काग़ज़ परस्त, शहर का इंसान हो गया . . .
. . इस लिए गुंचे इस पे खुलते हैं बेहतरें राज़दाँ है तितली . . .
. . इस लिए गुंचे इस पे खुलते हैं बेहतरें राज़दाँ है तितली . . .
. . फूल जैसा मिज़ाज पाया है फूल का ख़ानदान है तितली . . .
. . फूल जैसा मिज़ाज पाया है फूल का ख़ानदान है तितली . . .
. . बांटती है गुलों में ज़र दाना फ़क़ीदु बाग़बान है तितली . . .
. . बांटती है गुलों में ज़र दाना फ़क़ीदु बाग़बान है तितली . . .
. . लड़खड़ाती भी समझ से बाला हैं और एक चीसतान है तितली . . .
. . लड़खड़ाती भी समझ से बाला हैं और एक चीसतान है तितली . . .
. . पंख जैसे डहलय ढुलाई ग़ज़ल शायरी की उड़ान है तितली . . .
. . पंख जैसे डहलय ढुलाई ग़ज़ल शायरी की उड़ान है तितली . . .
