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. . मुरझा गए गुलाब, दुकां में पड़े पड़े काग़ज़ परस्त, शहर का इंसान हो गया . . .

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मुरझा गए गुलाब, दुकां में पड़े पड़े
काग़ज़ परस्त, शहर का इंसान हो गया
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