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. . बे साख़ता सुनाए ख़ुदा, दिल से उठी क़ैस पुल भर में ताज़ा कर गईं ईमान तितलियां . . .

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बे साख़ता सुनाए ख़ुदा, दिल से उठी क़ैस
पुल भर में ताज़ा कर गईं ईमान तितलियां
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