Site icon Shahzad Qais

. . उजड़ी हुई दुकान गुलाबों की देख क़ैस घर आ के इतना रोया कि हलकान हो गया! . . .

.
.
उजड़ी हुई दुकान गुलाबों की देख क़ैस
घर आ के इतना रोया कि हलकान हो गया!
.
.
.

Exit mobile version