. . दस्त-ए-नाज़ुक पे सोचा तितली ने गुल, हिना क्यों लगाए बैठे हैं . . .


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दस्त-ए-नाज़ुक पे सोचा तितली ने
गुल, हिना क्यों लगाए बैठे हैं
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